यह कार्यक्रम *बाल विवाह मुक्त भारत अभियान* के अंतर्गत *स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान* के तत्वावधान में *जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन* कार्यक्रम के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की *अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालिनी सिंह ने की, जबकि संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार* द्वारा किया गया।
इस अवसर पर *जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन कार्यक्रम के निदेशक सह संस्थान के सचिव डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला* ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों और उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि *बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006* के तहत भारत में बाल विवाह गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है। इस कानून का उल्लंघन करने पर *2 वर्ष तक का कारावास और ₹1,00,000 तक के जुर्माने* का प्रावधान है।
*अधिकार मित्र संतोष कुमार* ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, "शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिससे बाल विवाह जैसी सामाजिक अभिशाप को जड़ से खत्म किया जा सकता है"। उन्होंने सभी छात्राओं से अपनी पढ़ाई जारी रखने, आत्मनिर्भर बनने और अन्य लड़कियों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में छात्राओं को बाल विवाह की रिपोर्टिंग के लिए उपलब्ध सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई:
- *चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098*
- *पुलिस हेल्पलाइन: 112*
- *नालसा हेल्पलाइन: 15100*
- *जेआरसी हेल्पलाइन: 18001027222*
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षकों और बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं ने सामूहिक रूप से बाल विवाह के खिलाफ खड़े होने और अपने समाज को इस कुप्रथा से मुक्त कराने की शपथ ली।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक डॉ प्रभात सिंह, कविता कुमारी,नेहा कुमारी,राकेश कुमार,प्रणव कुमार, सुल्ताना प्रवीण,मनीष कुमार,श्वेता सरस्वती,पंकज कुमार,जावेद अख्तर सहित सैकड़ों छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।